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यारी है ईमान मेरा...दोस्ती को गुलजार करता यह नगमा

yari hai imaan mera
                
                                                         
                            
अगर मात्र धमनियों में बहते रक्त-प्रवाह के समान होने से समाज के रिश्ते स्थापित होते तो ये रक्त ही इंसानी जीवन का एक बड़ा अभिशाप होता क्योंकि वो संबंध जो बिना किसी स्वार्थ के स्थापित होता है और किसी भी समय हाज़िर रहता है, जो मुसीबतों में हल देता है और ख़ुशियों में साथ नाचता है उस रिश्ते के लिए ऐसी किसी भी शर्त का होना अनिवार्य नहीं है। वो भरोसे की नींव पर बनता है और वक्त के साथ जिसकी दीवारें और भी मजबूत होता जाती हैं।

वो रिश्ता है दोस्ती का जो समय की किसी भी इकाई से परे है क्योंकि न इस रिश्ते के बनने का कोई समय होता है और ना ही इस रिश्ते को निभाने में घड़ी के कांटों को देखा जाता है। अहं और अभिमान की सभी सीमाओं को लांघने वाला, तराजू के पलड़ों सा बराबर जिसमें सिवाय मन की तरंगों के और किसी वस्तु का कोई स्थान नहीं है। 

इन्हीं भावनाओं पर बना है यह गीत जो फ़िल्म ज़ंजीर में सुनाई दिया था। गाना है यारी है ईमान मेरा, यार मेरी ज़िंदग़ी इस गाने को मन्ना डे ने गाया है। इसे संगीत दिया है कल्याण जी- आनंद जी ने और बोल लिखे हैं गुलशन बावरा ने। पढ़िए और अपनी दोस्ती में रस भरिए  

यारी है ईमान मेरा यार मेरी ज़िंदगी...

ग़र ख़ुदा मुझसे कहे   ...
ग़र ख़ुदा मुझसे कहे कुछ माँग ऐ बंदे मेरे
मैं ये माँगूँ 
मैं ये माँगूँ महफ़िलों के दौर यूँ चलते रहें
हमप्याला हो, हमनवाला हो, हमसफ़र हमराज़ हों
ता-क़यामत 
ता-क़यामत जो चिराग़ों की तरह जलते रहें

यारी है ईमान मेरा यार मेरी ज़िंदगी
अरे! यारी है ईमान मेरा यार मेरी ज़िंदगी
प्यार हो बंदों से ये, ओ ओ
प्यार हो बंदों से ये सब से बड़ी है बंदगी
यारी है! यारी है ईमान मेरा यार मेरी ज़िंदगी


दोस्तों के लिए दोस्ती की ही तान पर नाचते प्राण इस गाने के बोलों में संवेदनाओं को फूंकते नज़र आ रहे हैं। वो कह रहे हैं कि अगर ईश्वर कभी कुछ देना चाहें तो वह उनसे महफ़िल मांगेंगे जिनमें दोस्तों का जमावड़ा लगा रहे क्योंकि दोस्त हैं तो महफ़िल है और अगर कहीं महफ़िल है तो वहां दोस्त ज़रूर होंगे। 

ये दोस्त और इनकी यारी ही तो ज़िंदग़ी हैं। साथ ही इसमें जीवन का एक फ़लसफ़ा यह भी है कि अगर ख़ुदा के बंदों से प्यार किया जाए तो असल में वो ईश्वर की ही बंदगी है, आराधना है।

 
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यारी है ईमान मेरा यार मेरी ज़िंदगी...

8 वर्ष पहले

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