कैफ़ी आज़मी से लेकर तनिष्क बागची तक कितना बदला ‘चलते-चलते’

Pakeeza song chalte chalte by kaifi azmi
                
                                                             
                            

ये चेहरे इश्क ना जाने
ये परदे हटा देती है
जहां दिल का है ठिकाना
ये राहें बता देती है
मुसाफ़िर मैं हूँ फिर भी
मंजिल पास तू है
चलूँ मैं जिस राह पर
तू है वहां


यह गाना हालिया रिलीज़ फ़िल्म ‘मित्रों’ का है, कुछ ही वक़्त पहले अचानक यह गाना मेरे कानों में पड़ा, सुनकर लगा कि तनिष्क बागची ने यह गाना लिखा भी ख़ूब है और इसे संगीतबद्ध भी ख़ूब किया है और आतिफ़ की आवाज़ इसे और भी मजबूत बनाती है कि तभी आगे की लाइन कान में पड़ी।

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चलते चलते..

1 month ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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