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लता जी और आशा भोंसले की आवाज़ में- मन क्यूं बहका रे बहका आधी रात को

man kyun behka re behka aadhi raat ko
                
                                                         
                            
गीतकार बसंत देव का गीत 'मन क्यूं बहका रे बहका आधी रात को' मध्य रात्रि के न जाने कितने सहचरों को 'गान' दे गया। इस गीत को 1984 में रिलीज फ़िल्म 'उत्सव' में लता मंगेशकर और आशा भोंसले ने मिलकर गाया है। लक्ष्मीकांत- प्यारेलाल के संगीत ने इस गाने को अपने सुरों से सजाया है। गीत को रेखा और अनुराधा पटेल पर फ़िल्माया गया है। 

मध्य रात्रि का समय हो और आंखों में नींद न हो तो समझ जाना चाहिए कि आप प्रेम में हैं...कुछ ऐसे ही भावों को ये गीत लिए हुए है। जिसमें रात के पहर के कुछ विशेषण गिनवाए जा रहे हैं। यह गीत सुनते वक्त लगता है मानो एक नायिका प्रश्न करके अपने मन की शंकाएं दूर कर रही है और दूसरी नायिका उसके उत्तर दे रही है। इसके ये संवाद अत्यंत सुखद लगते हैं इसलिए यह नग़मा मेरा अज़ीज़ है। 
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मन क्यों बहका रे बहका...

4 वर्ष पहले

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