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गुलजार का ख़्याल: यारा सीली सीली...

Yara seeli seeli
                
                                                         
                            
गुलजार का जन्म 18 अगस्त 1936 को हुआ था। जन्मदिवस पर उनके लिखे एक प्रसिद्ध गाने पर हम विशेष चर्चा कर रहे हैं। 1990 की किसी फ़िल्म में आए गाने का मेरी पीढ़ी के कानों को प्रभावित कर पाना इतना आसान नहीं है क्योंकि 90 के दशक की पीढ़ी के होश संभालने तक संगीत की धुनों ने अपना रास्ता बदल लिया था। जो गाने उन तक पहुंच पाए वो उन फ़िल्मों के थे जो बार-बार टीवी के किसी बड़े चैनल पर प्रसारित की जा रही हों और इसके अलावा एक अन्य माध्यम जिससे पुराने खजाने हम तक पहुंचे उसका ज़रिया था कि घर के बड़े इन गानों को गुनगुनाते थे तब इनसे रूबरू हुआ जा सकता था।

ख़ूबसूरत नग़मे से साबका...

मेरा एक बेहद ख़ूबसूरत नग़मे से कुछ यूं ही साबका हुआ जब रसोई में काम करती हुई मां पूरी तल्लीनता से इसे गा रहीं थीं, वो गाना था फ़िल्म लेकिन का जो 1990 में आयी और बोल थे, 'यारा सीली-सीली'। अनायास ही इसके बोलों ने मुझे अपनी तरफ़ तेजी से खींच लिया था, यूं तो गुलज़ार से बतौर गीतकार मुझे मुहब्बत है ही लेकिन जब पता चला कि ये गाना उन्होंने ही लिखा है तो अपनी उसी मुहब्बत पर बहुत नाज़ हुआ।

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ख़ूबसूरत नग़मे से साबका...

5 वर्ष पहले

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