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कारगिल का विजय गान: दुल्हन चली, ओ पहन चली तीन रंग की चोली...

करगिल की जीत
                
                                                         
                            पूरे देश में 26 जुलाई को करगिल दिवस मनाया जाता है। इस दिन करगिल से पाक को भारतीय सैनिकों ने पूरी तरह खदेड़ दिया था। करगिल की जीत पर विजय दिवस के दिन मनोज कुमार को याद किया जाना स्वाभाविक है। मनोज कुमार ने देशभक्ति पर बेहतरीन फिल्मों का निर्माण किया है। शहीद, उपकार, पूरब और पश्विम तथा क्रांति उनमें से प्रमुख हैं। इन सभी फिल्मों में देशभक्ति से सजे गीत देशप्रेम की सुनहरी कहानी व्यक्त कर रहे हैं। इन्हीं में से एक गीत 1970 में रिलीज पूरब और पश्विम का है। यह गीत एक तरह से गणतंत्र की चमकीली दास्तां है। विजय दिवस पर इसको याद करते हुए मन और गर्व से भर जाता है।
                                                                 
                            

इंदीवर ने इस गीत को लिखा है। महेंद्र कपूर ने इसमें अपनी सुरीली आवाज दी है। कल्याणजी आनंदजी के संगीत में गीत काफी कर्ण प्रिय बन गया है। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर यह गीत देश की फिजाओं में गूंजता है। आजादी और उसके मतलब को सुंदर मानकों से समझाने वाले इस गीत के बोल मुझे काफी अच्छे लगते हैं। महेंद्र कपूर की आवाज ने इस गीत को काफी आकर्षक बना दिया है। महेंद्र जी की आवाज और मनोज कुमार पर फिल्माए जाने की वजह से यह गीत मुझे काफी प्रिय लगता है।  आगे पढ़ें

बाहों में लहराये गंगा जमुना, देख के दुनिया डोली...

8 वर्ष पहले

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