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याद है मुझे

                
                                                         
                            हां,हर गुफ्तगू हर बात याद है मुझे।
                                                                 
                            
वो आख़िरी मुलाकात याद है मुझे।।

जब, ख़्वाब अश्क बनकर बह गये।
अभी भी , वो बरसात याद है मुझे।।

जश्न-ए-तर्क-ए-ताल्लुक भूला नहीं।
वो एक-एक हादसात याद है मुझे।।

तेरे चेहरे की इबारत, पढ़ी थी मैंने।
वो सब, तब-ओ-ताब याद है मुझे।।

वक्त के मरहम से भरे नहीं अभी।
सभी घायल जज़्बात याद है मुझे।।
-यूनुस खान
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4 घंटे पहले

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