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बुज़ुर्गों का सम्मान ....

                
                                                         
                            पास बुजुर्गों के बैठा कर के ये हैं सौग़ात वसी !
                                                                 
                            
ये हैं तो दुनिया रोशन है इनसे कर ले बात वसी !

जाने क्या क्या बतलाएँगे प्यार भरी मन की बातें !
देखा कर इनकी आँखों में बीते सब लम्हात वसी !

हाथ पकड़ के तुझको चलाया तुझको पाला पोसा था !
आज इन्हें है तेरी ज़रूरत इनका पकड़ ले हाथ वसी !

तू सच में इनकी दुनिया है और अब ये तेरी खातिर हैं !
चाहते हैं ये साथ जो तेरा छोड़ना इनका साथ वसी !

तू है बिज़ी अपनी दुनिया में पर तू इनकी दुनिया है !
रोज़ किया कर इनसे बातें जैसे हो हालात वसी !

बात करो जब भी तुम इनसे लहजे में बस नरमी हो !
तुमपे होगी हर हालत में नेमत की बरसात वसी !

तल्ख़ हकीकत है दुनिया की हर बच्चा बूढ़ा होगा !
बच्चे से बूढ़े होने तक जैसे दिन और रात वसी !

गर हैं ज़िंदा माँ तो फिर है मुश्किल से घबराना क्या !
मुश्किल कोई जो आ जाए तो माँ का पकड़ ले हाथ वसी !

ठेस ना पहुँचे दिल को इनके भाई इतना ध्यान रहे !
चेहरा उनका दिल से पढ़ ले और पढ़ ले जज़्बात वसी !

जन्नत है माँ के कदमों में बात बड़ी है सोच के देख !
कांधों को नीचा कर अपने फिर इनसे कर बात वसी !
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2 घंटे पहले

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