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बज़्म ए अहमद

                
                                                         
                            “सवाल ये है कि आदाब किया करते हैं,
                                                                 
                            
कमाल ये है कि शादाब हुआ करते हैं।
जिन्हें हर दौर की ठोकर सँवार देती है,
वही किरदार में नायाब हुआ करते हैं।”
— वकील अहमद रज़ा,,,,,
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4 घंटे पहले

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