देखूं तुझे दूर से पास सा तू लगे,
दिखे ऐसे धीर से समंदर सा तू लगे,
देखूं तुझे रात मे अधेरा सा तू लगे,
सितारों की चमक में कमाल सा तू लगे,
कभी साफ तो कभी भरा सा लगे,
देखूं तुझे तो ठंडक सा लगे,
देखूं तुझे तो दिन अच्छा सा लगे,
मौसम की कहानी का नायक सा तू लगे,
धरती से दूर आंखो के पास सा लगे,
बादलों को लिए सफ़ेद चादर सा तू लगे,
देखूं तुझे तो सुकून सा लगे,
नीले गुलाब पे पानी की बूंद सा लगे,
यहां से वहा फैला सा तू लगे,
पंछियों के साथ सुंदर सा तू लगे,
सब उड़ना चाहे तुझपे क्या जादू है तुझमें,
उम्मीद लिए सब तुझे देखे क्या जवाब है तुझमें,
कभी आकाश तो कभी अंबर कहे तुझे,
मैं तो दीवाना इस नाम का "आसमान" कहूं तुझे,
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