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फिर तुम्हे चूम कर हम चले जायेंगे

                
                                                         
                            बनके बादल शहर में तेरे आयेंगे,
                                                                 
                            
फिर तुम्हे चूम कर हम चले जायेंगे।

बनके आंसू छुपी, तुम हो आंखों में,
जाने कब से बसी, तुम हो सांसों में।
जिन्दगी तू ही हो, जिंदगानी मेरी,
तेरे बिन तो अधूरी, कहानी मेरी।
प्रेम में सदियों तक, पढ़े जायेंगे,
फिर तुम्हे चूम कर हम चले जायेंगे।

मुश्किलों में पला, जख्म गहरा हुआ।
तेरे गम में कहां , गम है ठहरा हुआ।
कांटो पर चले तो , सफर हो गए।
राहों की नजर में, नजर हो गए।
इस धरा पर हर पल जिए जायेंगे
फिर तुम्हे चूम कर हम चले जायेंगे।

पत्थरों से न घर का, पता पूछना,
खो चला हूं कहीं न, रास्ता ढूंढना।
धूल बन मिट चुकी, मेरी उम्मीदें,
ये मिट्टी से न कुछ, वास्ता ढूंढना।
देके राहें तुम्हे हम, मिटे जाएंगे
फिर तुम्हे चूम कर हम चले जायेंगे।
- विनय कुमार पाण्डेय "अजय"
 
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3 घंटे पहले

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