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ये अलग बात है

                
                                                         
                            ये अलग बात है कि मैं हर बार पास न हुआ।
                                                                 
                            
पर मेरी मेहनत कभी मैं तुझसे निराश न हुआ।

घुटनों के बल चला था मैं चलने की चाह में।
बेख़ौफ़ मैं बढ़ता रहा मुश्किल सी राह में।

हंसता रहा मैं हरपल कभी उदास न हुआ।
ये अलग......यूँ बचपन गुजर गया जवानी भी आ गयी।

कुछ कर गुजरने की रवानी भी आ गयी।
यूँ दिन निकल गए अरे ये विस्वास न हुआ।
ये अलग......
कुछ ख़्वाब, हकीकतें, गलतफहमियां जरूर हैं।
कुछ दूर हो के पास कुछ पास हो के दूर हैं।

बस तेरी रहमत से या रब मैं अब तक हताश न हुआ।
ये अलग बात है कि हर बार पास न हुआ।
पर मेरी मेहनत कभी मैं.............

viMal


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6 वर्ष पहले

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