कोई करता नहीं इंतजार अब तो,
जिंदगी हो गयी कारोबार अब तो।
हर तरफ झूठ है मक्कारी है,
सच में सच हुआ लाचार अब तो।
टूटे वादों की बात न कीजै,
वादों में तो हैं सब अय्यार अब तो।
यकीन पर भी यक़ीन नहीं होता,
बोलो किसका करे ऐतबार अब तो।
गिर जाते हैं लोग संभलते हुये,
भले कोशिश करे हजार अब तो।
मेरी ख़्वाहिश थी चाँद छूने की,
पर ये चाँद हो गया उस पार अब तो।
उस चमन में फूल क्या महकेंगे,
फिजां ने लूटी है बहार अब तो।
जिंदगी हो गयी कारोबार अब तो।
जिंदगी हो..........viMal।
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