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रहने दो।

                
                                                         
                            ये ईश्क़, दोस्ती, और मोहब्बत किताबों में रहने दो।
                                                                 
                            
मैं अकेला ही सही हूँ, मुझे तन्हाई में रहने दो।
मुझे समुंदर पसंद है बड़ा, मुझे गहराई में रहने दो।
मैं चाह कर भी हुनर नहीं रखता दिल तोड़ने का, मुझे ही धोखे में रहने दो।
चार दीवारी में बंद कर दो, और मुझे बंद कमरे में रहने दो।
मेरी लापरवाही समझो इसे, या बुजदिली करार दे दो, ईश्क़ दोबारा करना अब बस ख्वाबों में रहने दो।
मैं चला हूँ रात दिन अकेला, ये बात बस अब तुम जहन में रहने दो।
मुझमें आग है बड़ी, मुझे अब राख में रहने दो।
मैं ऊंचा उड़ा हूँ आसमान में बोहोत, मुझे अब खाक में रहने दो।
मैंने कोई कहानी तो लिखी नहीं है, मुझे अब बस इन कविताओं में रहने दो।
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2 घंटे पहले

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