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घर समाज में असंतुलन हो रहा है।

                
                                                         
                            विवाह एक समस्या बनती जा रही
                                                                 
                            
बेहतर की तलाश में उम्र बढ़ती जा रही,
जिसके लिए तुम बेहतर,
तुम्हारे लिए वो बेहतर नहीं,
तुम्हारे लिए जो बेहतर है,
उसके लिए तुम बेहतर नहीं,
आज विवाह की उम्र तीस पार होती जा रही,
पढ़ाई,नौकरी की तलाश में ,
जिंदगी के जायका बेस्वाद,
जीवन नीरस,
माता पिता रिश्ता ढूंढ़ते,कुंडली मिलवाते मिलवाते ,
उपाय करते साल बीतते जाएं,
तलाश को विराम न मिलता,
भगवान अगर जोड़ियां बनाता,
पहले बाल विवाह,
अठारह,
अब तो प्रौढ़ होते होते विवाह हो रहे,
विवाह एक समस्या होती जा रही,
बातें होती समझते समझते समझ आता,
रिश्ते में कुछ कमी है,
बात बनने से पहले ही बिगड़ जाती,
एक समय था कन्या,सुंदर, गृह कार्य में दक्ष,
आज कन्या अच्छी कंपनी में नौकरी,करनी होनी चाहिए,
धन असंतुलन कर देता,
घर समाज में असंतुलन हो रहा है।
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एक घंटा पहले

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