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दुनिया में आज कितना इंसान बदल गया

                
                                                         
                            दुनिया में आज कितना इंसा बदल गया।
                                                                 
                            
दौलत के लिए लोगों का ईमां बदल गया।।
अपने ही लोग अपनों को है दे रहे दगा।
एक दूसरे को ठगने का फैशन निकल गया।।
लड़के व लड़कियां सभी है चैट कर रहे।
बातों ही बात खातों से पैसा निकल गया।।
कर -कर के मीठी बातें लोगों को फंसा कर।
अब ब्लैकमेल करने का धंधा है चल गया।।
घूस लेने और देने का है बना रहे जुगाड़।
निज स्वार्थों मे देखो दुनिया है ढल गया।।
ना डर है अपनी इज्जत का ईश्वर का नहीं डर।
डर तब लगा जब हाथ से सबकुछ फिसल गया।।
कहता है "विजय" अब भी सम्भालो जरा यारो।
चिंता करो भविष्य की छोड़ो जो कल गया।।

-विजय नारायण तिवारी, मिरजापुर, उत्तर प्रदेश
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3 वर्ष पहले

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