आंखें होते जा रही,नित-नित बहुत खराब।
मोबाइल की आदतें, कमतर करें जनाब।।
कमतर करें जनाब,समझ लें स्वयं इशारा।
आंखें जो चल गईं, मिलेंगी नही दुबारा।।
कह 'प्यासा' कविराय, बात रख चलें सराखें।
मोबाइल को छोड़,बचालें अपनी आंखें।।
--'प्यासा'
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