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समय से बलवान कोई नहीं...

                
                                                         
                            जमीं से आसमां और आसमां से जमीं—
                                                                 
                            
यह खेल सिर्फ़ वक्त रचाता है।
इसलिए न वक्त पर इतराइए, न किसी की हालत पर हँसिए…
क्योंकि समय से बलवान कोई नहीं।
-संजय श्रीवास्तव
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41 मिनट पहले

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