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मेरे वालिद का साया

                
                                                         
                            मेरे वालिद का साया है अभी भी मुझ पर बरकरार,
                                                                 
                            
कि इससे बढ़कर ज़िंदगी में नहीं है कोई बहार।

मेरे हर दर्द का एहसास उनको पहले होता है,
कहाँ मिल पाएगा ज़माने में उनके जैसा प्यार।

वो सारे दर्द-ओ-ग़म को अपने अंदर समेट लेते हैं,
जिनकी बदौलत ख़ुशनुमा लगता है मेरा संसार।

बड़ा सुकून देता है, जब कभी बेचैन होता हूँ,
वो उनका मेरे सर पर हाथ फेरना हर बार।
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5 घंटे पहले

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