इस दुःख का अगर पर्दा बना होता
तो अच्छा होता
किसी की नजर न जाती इस पार और उस पार
कम से कम किसी की गुरवत का तमाशा तो न बना होता
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X