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एक दूसरे से अलग होना

                
                                                         
                            अपनी तकलीफों को देखकर....
                                                                 
                            
रोते रोते हुए आंसुओं को समेटकर....
में अमर नहीं इस दुनिया में....
मुझे भी तो इक न इक दिन मर ही जाना है.....
में खुश हो जाता हूं...... बस यही बातें सोचकर...
-आशीष सिंह
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एक घंटा पहले

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