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'धोखा' मिला है जाना यह अब तो।

                
                                                         
                            गुरूर था हमें चाहत पे अपनी
                                                                 
                            
न जाने कब इसे नजर लग गई
पता तो हमें तब चला
जब पानी सर से ऊपर हो गई।

नाज था हमें मोहब्बत पे अपनी
न जाने इए कब गैरों की हो गई
अपना है जिसको समझा था हमने
न जाने कब से वह दुसरे के हो गए।

भगवान की तरह पूजते थे जिनको
दुसरों की आदत लगी थी उनको
हमें तो मालूम कुछ भी न था
'धोखा' मिला है जाना यह अब तो।
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एक घंटा पहले

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