अपनी यादो को सँवरती लिखकर
अपने अंदाज में छटपटाती पढ़कर
तस्वीरों के साथ शब्दों में उतारती
ज्यादा ही वक्त गुज़ारती लिखकर
कुछ वक्त बिना लिखे कट जाता
उस वक्त संग्रह को सुधरती पढ़कर
सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित कर
तजुर्बे से परिचित कराती अक्सर
प्रतिभा की धनी 'उपदेश' जज्बाती
संबंधो को विराम देती ब्लॉक कर
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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