उम्र का प्रभाव होगा या दूरी की मार होगी।
शौक़ पहले भी नही थे बदली बयार होगी।।
दिलोदिमाग पर छाप कम नही हुई तुम्हारी।
बस मिलने जुलने मे थोड़ी मुथरी धार होगी।।
वैसा वक्त ढूँढ कर कहाँ से लाऊँ गुजर गया।
अब तो शब्दों की गुथम-गुत्था आरपार होगी।।
वैसी अब नही 'उपदेश' ना वैसी जिद्द हमारी।
दिल अब भी वैसा अन्दर मथती बहार होगी।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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