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तेरी खामोशी में गहराई

                
                                                         
                            तेरी खामोशी में गहराई समुन्दर के जैसी।
                                                                 
                            
किनारे की लहरे 'उपदेश' जा रहीं छू कर।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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एक घंटा पहले

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