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सुकून की घड़ी

                
                                                         
                            स्त्री की गहरी इच्छा
                                                                 
                            
कभी शब्दों में नही उतरती
प्रिय पुरुष की निकटता में
वह धीरे साँस लेने लगती

फिर देह से पहले
'उपदेश' मन को निर्वस्त्र करती
स्पर्श त्वचा को नही
छुपी कामवासना को करती

संकोच का घूंघट उठता
तब अपनी पलकें झुका देती
गर्दन को चूमता पुरुष
स्त्री बालों में उंगलियाँ देती
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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4 घंटे पहले

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