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ख्वाब बदल गए

                
                                                         
                            लिखने में मसरूफ इतनी ख्वाब भी बदल गए।
                                                                 
                            
जो नजरों से हटते नही 'उपदेश' उनके बल गए।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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2 घंटे पहले

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