जिसके चेहरे पर रोशनी का बास हो।
उसकी राहों में अँधेरे का ना साथ हो।।
मुस्कुराहट से शुरू होती सुबह जिसकी।
उसे उदासी का रत्ती भर ना आभास हो।।
यदि सब्र रखना आ गया परेशानियों में।
फिर उसे तकलीफ़ का ना एहसास हो।।
शान्ति का सबक उससे ही मिल पायेगा।
जिसकी जिन्दगी में सफलता ख़ास हो।।
इश्क करने वाले की महबूबा को देखो।
शायद उसकी 'उपदेश' अधूरी प्यास हो।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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