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इंतजार कर लेंगे

                
                                                         
                            खामोशी पढ़ ना पाया रहा व्यथित मन मेरा लाचार।
                                                                 
                            
खुद खामोश हो गया 'उपदेश' महसूस कर व्यवहार।।

मेरी कमी को मोहब्बत की कमी मत समझना।
इंतज़ार कर लेंगे 'उपदेश' दूरी मत बढ़ाना यार।।

इधर-उधर से खैर खबर लेने का सिलसिला जारी।
गलतफहमी न पालना 'उपदेश' कम ना होगा प्यार।।

तुम्हारे जटिल मन को मुझे पढ़ना ही ना आया।
मगर जानता 'उपदेश' तुम्हारे अन्दर प्रेम अपार।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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39 मिनट पहले

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