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तालिबान बताया जा रहा है....

                
                                                         
                            सरेआम जिंदा फांसी पर लटकाया जा रहा है ...
                                                                 
                            
बच्चों की जान बचाने के लिए,
उनको कटीली दीवारों से पार ले जाया जा रहा है...
शैतान फिर ताकतवर हुआ ऐ खुदा ,
खुदा तेरे बंदे के सबर को आजमाया जा रहा है...
देखकर उनकी दहशत को,
दुनिया उसको शैतान बताती है,
लेकिन वो शैतान अपने आप को ,
अल्लाह का तालिबान बताया जा रहा है....
शैतान फिर ताकतवर हुआ है खुदा,
खुदा तेरे बंदे "अनमोल" को आजमाया जा रहा है....
खौफजदा है जिससे दुनिया,
उनको तालिबान बताया जा रहा है.....

अनमोल वाल्मीकि पंजोखरा_(Molu Writer)
 
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।  आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 वर्ष पहले

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