खुद को ऊँचा वो कहे, उलझें वहम विचार।
ऊँचा जाने कब भया, सत्य होत मन विचार।।
अंधा-अंधकार भया, जगमग सब संसार।
आत्म-ज्ञान के तेज से, निज हटे अंधकार।।
प्यासे को पानी मिले, भूखे को आहार।
फिर भी भूखा कोई मरे, जग घोर अंधकार।।
छोटा ना कोई बड़ा, सब हो एक समान।
शान्ति मार्ग पे सब चले, धन्य सारा संसार।।
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