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सुकून की तलाश

                
                                                         
                            किसी ने,
                                                                 
                            
सच ही कहा है कि - -
सर्वसुख सम्पन्न,
होने के वाबजूद - -
इंसान को,
शांति का - -
का तलाश रहता है l

सच में ,
सब कुछ है - -
इस जीवन में ,
फिर भी - -
शांति नहीं है ,
होठों पर - -
कृतिम हँसी,
रहता है - -
फिर भी,
मन में शांति नहीं l

इसी क्रम में,
थक सा - -
गया हूँ ,
भीड़ में - -
चलते - चलते ,
लोगों के बीच में - -
हमेशा ही रहा हूँ ,
फिर भी - -
भीतर या,
अंदर से - -
शांति नहीं मिला l

सपने तो जरूर ही - -
पूरे हुए ,
साथ ही - -
नाम शोहरत भी,
मिला या - -
मिल गया ,
फिर भी - -
दिल के,
कोने में - -
अब भी ,
शांति नहीं है l

दिन भर,
भाग - दौर करता हूँ - -
रुकना तो ,
आता नहीं है - -
थोड़ी सी,
चुप्पी में भी - -
अब शांति नहीं है l

अंत में ,
ये सब कहते हैं - -
सब पा लिया,
सच में - -
क्या कमी रही?
लेकिन,
फिर भी - -
अंदर से ,
शांति नहीं l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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एक घंटा पहले

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