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जीवन प्रभु के भरोसे

                
                                                         
                            गीता में ,
                                                                 
                            
कहा गया है कि - -
मनुष्य चाहे ,
कितना ही - -
क्यों न?
टूट जाय,
या बिखर जाए - -
इतना जरूर,
स्मरण करना होगा - -
कि जीवनरूपी,
रथ की डोर - -
प्रभु के,
हाथों में - -
सुरक्षित है l

जब प्रभु ही,
जीवनरूपी - -
रथ का ,
सारथी हो तो - -
अंततः,
विजय - -
जरूर ही होगी,
कारण - -
महाभारत इसका,
साक्षी है l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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एक घंटा पहले

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