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मां की दुआ

                
                                                         
                            तीन टुकड़े दिल के मेरे, सबसे प्यारा तू,
                                                                 
                            
कलेजे का है टुकड़ा,आंखों का तारा तू,
बड़ा ही नटखट है,घर को महकाता है,
पल भर जो ओझल हो तो दिल घबराता है।
फूलों को देख के ज्यों भौंरा धुन गाता है, तेरी मुस्कान से ही खिल मेरा मन जाता है।
डांट- मारूँ तुझको तो दिल मेरा रोता है,
चोट लगती तुझको तो दर्द मुझे होता है,
अच्छा इंसान बनकर खुशियां फैलाता है,
तेरी मुस्कान से ही खिल मेरा मन जाता है।
किसी की भी आंखे नम न हो तेरे कारण,
खुशियों बांट के जग में तुम बनना दुख हारन , ऊंची हो शान उतनी जितना नभ फैला है, लंबी हो आयु जब तक सूरज और चंदा है। तेरी मुस्कान से ही,,,
लंबी उमर पाए , सेहत बनी रहे,
बुद्धि दौलत धन से खुशियां मिलती रहे,
ईश्वर की कृपा से भंडार भर जाता है,
तेरी मुस्कान से ही खिल,,
मां की है दुआ ये बहनों का साथ रहे,
सिर पर तेरे हरदम पिता का हाथ रहे,
तुझको खुश देखकर ये घर मुस्काता है,
तेरी मुस्कान से,,
मैं रहूँ या न रहूं दुआ ये रहेगी,
एक दिन फक्र दुनियां ये तुझपे करेगी,
जन्मदिन मुबारक हो मेरा दिल ये कहता है,
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2 घंटे पहले

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