आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

रक्तदान

Blood Donation
                
                                                         
                            बात बहुत सरल सी जानो।
                                                                 
                            
रक्त बिना ना जीवन मानो।
रग-रग बहे जब रक्त धारा
जीवन तब ही चले हमारा।
यूं तो दान बहुत से है भाई।
सर्वोत्तम रक्तदान ही भाई।
अमूल्य ये जीवन है अपना।
बिन रक्त दिखे मानो यह सपना।
चाह रक्त की होती है जब।
दानी में तब दिखता है रब।
प्रभु सम आकर जान बचाता।
कहलाता वह जीवन-दाता।
बात मेरी तुम ध्यान से सुनना।
रक्तदान की राह को चुनना।
लाभ देह को देता यह दान।
नव रक्त का करता निर्माण।

- सुधा भारद्वाज
देहरादून-उत्तराखंड

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
8 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर