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फुलवारी...

FULWARI
                
                                                         
                            महक लिए है क्यारी -क्यारी
                                                                 
                            
पुलकित आज फुलवारी ,
रंग बिरंगे फूल खिले हैं
मानो महकी बगीया सारी
मद में भौरे डोल रहे हैं
निज गुंजन श्रुति में घोल रहे हैं
पुरवईया बयार है मंद -मंद
बसंत में प्रकृति की
यह छटा निराली
लग रही मनोहारी
हां ! महक लिए आज क्यारी -क्यारी
पुलकित देखो फुलवारी II

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8 वर्ष पहले

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