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इक आस

                
                                                         
                            दिल थाम कर देखा
                                                                 
                            
तो वह बेरहम आबोहवा
मानो ज़रा अलसाई है,
थोड़ी अमन की आहट सी आयी है।

नाउम्मीद थे जिससे
एक हलचल सी मची
अभी-अभी बदन में
थोड़ी गुनगुनाहट सी आयी है।

टिमटिमाती आँखों में
कपकपाते होठों पर
सबकी सलामती की
थोड़ी बुदबुदाहट सी आयी है।

बदलते हालात जिसमें
न थी कोई गुंजाइश
तेरी दुआओं का असर है
थोड़ी हथेलियों में राहत सी आयी है।

(रचना त्रिपाठी, लखनऊ)
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2 वर्ष पहले

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