आज उनको नमन मै यहां कर रहा ,
जिनसे अपना ये भारत अमर हो गया।
जिसने सींचा लहू से ये अपना वतन ,
उनके सादर नमन का पहर हो गया।।
आज उनको नमन......
आज मां की व्यथा भी यही कह रही ,
तेरा बलिदान भी अब अजर हो गया।
कतरा कतरा लहू का बहाया था जो ,
उससे सूना ये सारा शहर हो गया।।
आज उनको नमन......
मां की ममता बुलाती चले आओ तुम ,
प्रेम का प्रेम से ही समर हो गया।
वापस आऊंगा मां लौटकर मै यहां ,
राष्ट्रप्रेम मे शहीद वो अमर हो गया।।
आज उनको नमन........
आज क्या ही लिखूं मै वतन पर यहां ,
नेत्र सबका यहां पर सजल हो गया।
जो हमारे लिए ही हुए थे शहीद ,
उनसे अपना ये भारत अटल हो गया।।
आज उनको नमन.......
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