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कही हिंदुस्तान तो नहीं

gazal -kahi hindustaan to nahi
                
                                                         
                            कही हिंदुस्तान तो नहीं
                                                                 
                            
हिन्द ए वतन हस्ती महान कोई मामूली जान तो नहीं
बुलन्दियो लहरा रहा तिरंगा कही हिंदुस्तान तो नहीं

कितनी सदियो रीतियो रिवाजो समेट रखा है
परत दर परत गुजरी महागाथाओ लपेट रखा है
पैदा किया किसने कितने महाबीरों महानायकों को
हिंदुस्तान हिंदुस्तान हिंदुस्तान हिंदुस्तान

सीमा कभी चैन से न सोता है न सोने देता है
रात के अंधेरों मौका देख घुसपैठ करता है
जन्नते काश्मीर जहन्नुम बना रहा है वो
पाकिस्तान पाकिस्तान पाकिस्तान पाकिस्तान

लेह लद्दाख से लेकर डोकलाम पे नजर रखता है
बात –बेबात भारत हरदम आँख वो दिखाता है
नापाक पाक सह देता किसकी ये हिमाकत है
ड्रेगन चीन ड्रेगन चीन ड्रेगन चीन ड्रेगन चीन

एक ऐसा नारा देश सारा एक आवाज गूँजती है
जवाने हिन्द खातिर इसके लगाते बाजी भारती है
लाल किला संसदऔर सीमा एक आवाज उठती है
जय हिन्द जय हिन्द जय हिन्द जय हिन्द

श्याम कुँवर भारती


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8 वर्ष पहले

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