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हर-हर महादेव कहते-कहते,जीवन मेरा सँवर जाए।

                
                                                         
                            शिव, तेरे द्वारे आज मैं,
                                                                 
                            
मन की गठरी लाई हूँ,
दुनिया से जो कह न सकी,
वो तुझसे कहने आई हूँ।

ना माँगूँ धन, ना माँगूँ यश,
ना कोई ऊँचा मान मिले,
बस इतनी-सी कृपा कर देना,मन को सच्चा ज्ञान मिले।

तेरी चौखट पर बैठ के भोले,
हर चिंता मैं भूल जाऊँ,
तेरे नाम की माला जपकर,
हर मुश्किल से लड़ जाऊँ।

जब-जब राहें धुंधली हों,
तू दीपक बनकर आ जाना,
जब टूटे हिम्मत मेरी भोले,
तू बनकर हौसला आ जाना।

मेरे हिस्से के दुख सारे,
अपने चरणों में रख लेना,
मेरी आँखों के आँसू भोले,
अपनी गंगा में बहा देना।

ना चाहूँ कोई बड़ा खजाना,
ना महलों का श्रृंगार,
तेरे चरणों में मिल जाए बस,
छोटा-सा अपना संसार।

डमरू की धुन जब गूँजे,
मन में भक्ति उतर जाए,
हर-हर महादेव कहते-कहते,जीवन मेरा सँवर जाए।

शिव, तेरे द्वारे आई हूँ,
खाली मुझे न लौटाना,
जितना भी लिखा है भाग्य में,
उसमें अपना रंग मिलाना।

तेरा नाम रहे साँसों में,
तेरा ध्यान रहे हर पल,
शिव, तेरे द्वारे मिल जाए,
मुझे शांति का एक पल।
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44 मिनट पहले

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