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लक्ष्मी, मेरे आँगन आना

                
                                                         
                            माँ लक्ष्मी मेरे आँगन आना,
                                                                 
                            
सूना मन फिर से महकाना।
तेरे चरणों की धूल मिले तो,
जीवन का हर कष्ट मिटाना।

कमल-सी कोमल छवि तेरी,
जग में सबसे न्यारी है,
तेरी कृपा जहाँ बरस जाए,
वहीं खुशी की फुलवारी है।

धन से पहले सुख दे माँ,
मन में सच्चा भाव रहे,
मेहनत करने वाले हाथों में,
तेरा सदा प्रभाव रहे।

जिस घर में सम्मान बड़ों का,
और छोटों में प्यार रहे,
माँ लक्ष्मी उस घर की चौखट,तेरे चरणों से गुलज़ार रहे।

अहंकार कभी मन में न आए,
लोभ न मुझको छू पाए,
तेरी भक्ति में जीवन बीते,
हर सांस तेरा नाम गाए।

माँ, इतनी-सी विनती मेरी,
खाली झोली भर जाना,
धन-दौलत से पहले माँ,
सुख-शांति का दीप जलाना।
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5 घंटे पहले

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