आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जी की महिमा

                
                                                         
                            ओल्ड के पहले जी लगाओ
                                                                 
                            
हो जायेगा सोना ।
जिसे नहीं आता जी कहना,
उनको तो है रोना ।

गंध बिना ना फूल कोई है,
ना कोई उपवन है ।
कर्महीन कायर का जीवन ,
ना कोई जीवन है ।

कर्म करो तभी फूलो-फलो,
लगे न जादू-टोना ।
उत्तर-दक्षिण,पूरब-पश्चिम ,
देखा है हर कोना ।

जिसे नहीं आता जी कहना,
उनको तो है रोना ।
ओल्ड के पहले जी लगाओ,
हो जायेगा सोना ।

शोभनाथ सिंह यादव
एनटीपीसी सिंगरौली,सोनभद्र (उ0प्र0)


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर