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सर खुशी से कटा दूं तुम्हारे लिए

Sur Khushi Se Kata Doon Tumhare Liye
                
                                                         
                            बनके आये हो जीवन हमारे लिए ।
                                                                 
                            
जिन्दगी अपनी कुर्बां तुम्हारे लिए ।।

मैं भुला दूं तुम्हे ऐसा होगा नही ।
सारी दुनिया भुला दूं तुम्हारे लिए ।।

आइये छोड़ दीजे ये शर्मो हया ।
हम हैं पलके बिछाये तुम्हारे लिए ।।

सामने हर घड़ी तेरी तस्वीर है ।
आईना बन गए हो हमारे लिए ।।

इम्तेहां मेरा जब चाहो ले लो सनम ।
सर खुशी से कटा दूं तुम्हारे लिए ।।

युवा कवि एवं शायर
शिवसागर यादव 'आद्रवनी'

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8 वर्ष पहले

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