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प्यार का पंचनामा

Pyar Ka Panchnama
                
                                                         
                            तू मेरी जान है, मेरी पहचान है।
                                                                 
                            
मेरा दीनो - धरम, मेरा ईमान है।।

कब तलक दूर से तुझको देखा करूँ।
पास आओ मेरे, दिल परेशान है।।

मेरे ख़्वाबों में अब क्यूँ तू आती नही।
क्या वजह है बता क्यूँ बताती नही।।

अब तुम्हे चाहने से भी क्या फायदा।
फ़ोन करके मुझे जब बुलाती नही।।

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8 वर्ष पहले

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