सुना है नया यार ढूंढा है उसका ख़याल रखना
वगर्ना तुम्हें आदत है नया यार बदलने की..
एक के होकर रहना सीख जाना इस बार
तन्हा न करदे तुम्हें ये आदत फ़िर मचलने की
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X