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हिटलर की वापसी

                
                                                         
                            मैं हिटलर हूं
                                                                 
                            
हां, हां वही हिटलर
तानाशाही मेरे खून में बसी है
धर्म सत्ता पुलिस लाठी
ये सब मेरे 'प्रोटेक्टर' हैं
आजकल मैं विश्वविद्यालयों में
व्यस्त हूं...।

अपने विचारों को थोपने में
आजादी को खत्म करने में
छात्रों को मारने में
शिक्षा खत्म करने में....।

लोकतंत्र से मुझे खतरा है
लाल रंग से है डर
संविधान से मुझे खतरा है
नीले रंग से है डर
सारी मीडिया मेरी है
सोशल मीडिया से है डर...।

जब-जब मैं डरता हूं
पुलिस को आगे करता हूं
लाठियां, गोलियां चलाता हूं
मारता हूं पीटता हूं
खून बहाता हूं
जेल भेजता हूं
हां मैं हिटलर हूं...।

-सिराज

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6 वर्ष पहले

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