होंठों की सच्चाई वही जान पाता है,
जो होठों से बिना कुछ कहे सब समझ जाए,
जो सामने वाले की आँखो को पढ जाए,
जो सच को सच और झूठ को झूठ
स्वीकारने की ताकत रखता हो।
-शाहाना परवीन 'शान'
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