आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जन्मदिन

                
                                                         
                            माँ की परछाई हो बिटिया,
                                                                 
                            
वही आँखें, वही रंग-रूप हो बिटिया।
माँ जब भी देखती होगी आपको,
अपने बचपन को जी लेती होगी भरपूर।
दिल की प्यारी, चंचल-सी परी हो बिटिया,
मेरी सखी की प्यारी-सी सहेली हो आप बिटिया।
आपकी मुस्कान यूँ ही सदा खिली रहे,
खुशियों से आपकी जिंदगी महकती रहे।
जन्मदिन की बहुत-बहुत मुबारकबाद बिटिया!
-शाहाना परवीन 'शान'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
47 मिनट पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर