छोटी सी नन्हीं सी प्यारी सी बिटिया
मम्मा की पप्पा की प्यारी सी बिटिया
फूलों सी तितली सी शबनम सी उजली सी
कोपल सी मलमल सी मख़मली सी बिटिया
दूधो मलाई सी बहना है भाई की
परछाई माई की बुलबुल सी बिटिया
पापा के सपनों सी चाहत है अपनों सी
रिश्तों की पायल सी घुल बुल सी बिटिया
रंगों सी फूलों सी बूटी अलबेलों सी
गालों कपोलों सी गुमचिल सी बिटिया
काजल की कोरों सी बन्दिश के डोरों सी
दीप्ती कपोलों सी मांझल सी बिटिया
थपकी सी लोरी सी मां कि दुलारों सी
बचपन किलकोंरों सी कोमल सी बिटिया
मानें हया जैसी ममता मया जैसी
मीठी गिलौरी सी आंचल सी बिटिया
सुब्हा सवेरों सी चन्दा चकोरों सी
चन्दन के फेरों सी सुन्दर सी बिटिया
शहाब उद्दीन शाह क़न्नौजी
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
कमेंट
कमेंट X