आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मोहब्बत कैसी होती है…

                
                                                         
                            मोहब्बत कैसी होती है…
                                                                 
                            
औरत का इश्क़ मर्द जैसा नहीं होता,
वो उसके चेहरे या जिस्म के पीछे नहीं होती।

उसे मोहब्बत होती है उसके
अख़लाक़, रवैये और मौजूदगी से।

उसकी नज़रें जब उसकी तरफ़ हों,
तो उसे दुनिया की परवाह नहीं होती…

लेकिन अगर वही नज़रें
किसी और की तरफ़ उठने लगें,
तो उसका दिल चुपचाप टूटने लगता है।

वो बहुत कुछ नहीं माँगती,
बस मोहब्बत में अपनापन और इज़्ज़त चाहती है…

और शायद यही उसके लिए
मोहब्बत की सबसे बड़ी दौलत है।
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर