तुमको चाहूं मगर मैं बता नहीं सकता
तुमको मानू मगर मैं जता नहीं सकता
तुम रूप की रानी
तुम फूलों की कलियां
तुम्हें देख तो सकता हूँ मगर छू नहीं सकता
वो अम्बर की समंदर जैसी आँखें तुम्हारी
तेरे कपोल को चुमु ये ख्वाहिश हैं हमारी
तू शर्म से लाल न हो जाने जाना
मैं लिखूंगा किताबों में तेरी मेरी कहानी
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